देहरादून-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने 28 वें दौरे पर उत्तराखण्ड पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में यह उनका 18वां दौरा होगा। प्रधानमंत्री इस दौरान दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के साथ ही टिहरी में 1 हजार मेगावाट क्षमता वाले देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर उत्तराखण्डवासियों में भारी उत्साह है। प्रदेश सरकार लोकार्पण समारोह को यादगार बनाने की तैयारियों में जुटी है।
मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद, नरेंद्र मोदी 11 सितंबर 2015 को उत्तराखण्ड के पहले दौरे पर ऋषिकेश पहुंचे थे। तब उन्होंने दयानंद सरस्वती आश्रम पहुंचकर अपने गुरू दयानंद गिरी से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। भगवान केदारनाथ सहित उत्तराखण्ड के प्रमुख धामों के प्रति भी उनकी गहरी आस्था है। प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री नरेंद्र मोदी पांच बार केदारनाथ की यात्रा पर आ चुके हैं, साथ ही बदरीनाथ और मुखबा का भी दौरा कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी उत्तराखण्ड के तीर्थाटन- पर्यटन के ब्रांड अम्बेसडर साबित हुए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते केदारनाथ धाम की यात्रा प्रभावित हुई तो प्रधानमंत्री ने श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर सुरक्षित चारधाम यात्रा का संदेश देश दुनिया को दिया। प्रधानमंत्री के दौरों के बाद केदारनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित ढंग से बढ़ी है।
इसी तरह प्रधानमंत्री के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश में पहुंचने के बाद, इस क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बीते वर्ष मार्च माह में उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीतकालीन यात्रा का संदेश दिया। इससे प्रदेश में शीतकालीन यात्रा के साथ ही बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा मिला है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का उत्तराखण्ड से कर्म और मर्म का रिश्ता रहा है। उत्तराखण्ड उनके हृदय में बसता है। उनके दौरे को लेकर देवभूमिवासियों में भारी उत्साह है। मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उत्तराखण्ड में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। दो लाख करोड़ रूपये से अधिक की विकास योजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में क्रांति आई है। चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ एवं हेमकुंट साहिब रोपवे परियोजना, देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड रोड जैसी बड़ी परियोजनाओं को उन्होंने स्वीकृति दी है। आज पीएमजीएसवाई के तहत दूरदराज ग्रामीण इलाकों में सड़कों के निर्माण के साथ ही हवाई और रेल सेवाओं का विस्तार हुआ है। रोप-वे परियोजनाओं पर तेजी से काम आगे बढ़ा है।
