लोहाघाट/चंपावत। जिले के लोहाघाट, पाटी, खेतीखान सहित कई क्षेत्रों में सोमवार दोपहर हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अचानक बदले मौसम के कारण खेतों में खड़ी फसलों और सब्जियों को व्यापक नुकसान पहुंचा है, जबकि कई बाजारों में जलभराव और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैलने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।ग्रामीणों के अनुसार तेज हवा और ओलावृष्टि के कारण टमाटर, गोभी, ककड़ी, बैंगन सहित विभिन्न सब्जियों की फसलें प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सब्जियों के पौधे टूट गए, जबकि बागानों में लगे फलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय हुई इस प्राकृतिक मार से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
कृषकों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से खेती में लगातार बढ़ रही लागत के बीच इस तरह की प्राकृतिक आपदा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।वहीं लोहाघाट, खेतीखान और पाटी बाजार क्षेत्र में भारी बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया। कई स्थानों पर नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। जलभराव के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात का मौसम अभी शुरू ही हुआ है और यदि समय रहते नालियों की सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और स्थानीय निकायों से बाजार क्षेत्रों की नालियों की तत्काल सफाई कराने की मांग की है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना बेहद आवश्यक है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि नालियों की सफाई और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया तो बरसात के दिनों में बाजार क्षेत्रों में जलभराव की समस्या और बढ़ सकती है।मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने किसानों और आम नागरिकों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें प्रशासन की ओर हैं कि वह फसलों के नुकसान का आकलन करने और जल निकासी व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।
