राज्यपाल को ज्ञापन भेज कर उग्र आंदोलन की चेतावनी
आज पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड ने महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड को सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया गया ज्ञापन में उत्तराखंड में धार्मिक आध्यात्मिक यात्राओं में अराजक तत्वों पर कठोर कार्रवाई करने की बात कही
संगठन ने कहा के बीते दिन कर्णप्रयाग में एक सामान्य झड़प (घटना) हुई मगर हुड़दगयो के द्वारा सांप्रदायिक रंग देने की पूरी कोशिश की गई जिससे पूरे पहाड़ी क्षेत्र में अशांति और अफरा तफरी का माहौल बना है हुआ है अराजक हुड़दगियों ने रुद्रप्रयाग के नगरासू के गुरुद्वारे को हाईजैक किया पुलिस प्रशासन आईटीबीपी के जवानों के ऊपर पथराव किया मगर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने कठोर कार्रवाई नहीं कि बकायदा पुलिस सुरक्षा में रवाना किया.
जाते-जाते फिर उन्होंने पहाड़ी हिंदुओं को गाली दी जिससे माहौल और खराब हुआ 25 जून को पोंटा साहिब हिमांचल उत्तराखंड बॉर्डर पर 200 से अधिक निहंग सरदारों ने अराजकता की हथियार लहराये बैरिकेडिंग तोड़ी पुलिस के जवान और आईटीबीपी के जवानों पर धक्का मुक्की करी बैरिकेटिंग तोड़ी मगर प्रशासन ने उनको शक्ति से निपटने की बजाय उनके साथ संवाद किया किस कारण से उनके हौसले बुलंद हुए और लगातार पहाड़ी हिंदू समाज और पहाड़ी हिंदुओं के देवी देवताओ को सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक टिप्पणी की जारी है मगर उत्तराखंड सरकार कोई भी कार्यवाही नहीं कर रही है जिससे प्रदेश में तनाव का माहौल है पहाड़ी आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा की प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक यात्राओं को सुचारू रूप से सुगमता से चलने के लिए और देवभूम में शांति बहाली के लिए अराजक तत्व को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई करने की मांग माँग में उन्होंने कहा यदि सरकार इस पर संज्ञान नहीं लेती है एक हफ्ते के बाद संगठन आंदोलन के लिए विवश होगा इस दौरान जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल महिला जिला अध्यक्ष प्रेमा मेर, नगर अध्यक्ष कविता जीना, जिला उपाध्यक्ष फौजी मदन फरत्याल उपाध्यक्ष दीपा बोरा,जिला उपाध्यक्ष हरेंद्र राणा,नगर संगठन मंत्री गीता बिष्ट, प्रदेश सचिव दीपा पांडे, युवा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सयालाकोटी,गोपाल दत्त पांडे मनोज पांडे, नारायण सिंह बरगली, अजय शाह आदि दर्जनों कार्यकर्ता रहे
