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पौड़ी-आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्त रखने तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को प्राथमिक शिक्षक संघ ने जनपद के सभी 15 विकासखंडों में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान उप शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षामंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई।
कल्जीखाल में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मनोज जुगरान ने कहा कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर बाद में लागू किए गए टीईटी संबंधी प्रावधान थोपना न्यायसंगत नहीं है। ऐसे शिक्षकों को सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के लिए टीईटी की अनिवार्यता से पूर्ण रूप से छूट दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ज्ञापन में आरटीई अधिनियम में संशोधन करने के साथ ही अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना के दायरे में शामिल करने की मांग भी उठाई गई है। नई पेंशन योजना (एनपीएस) को लेकर शिक्षक वर्ग में गहरा असंतोष है और सरकार को इस पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
मनोज जुगरान ने कहा कि यह केवल शिक्षकों का नहीं, बल्कि उनके भविष्य और सामाजिक सुरक्षा का प्रश्न है। यदि सरकार ने मांगों की अनदेखी की तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और उग्र किया जाएगा। इसके तहत 17 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जिलास्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव कर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जनपद के सभी 15 विकासखंडों में आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया। कल्जीखाल में ब्लॉक अध्यक्ष सुभाष आर्य, प्रवीण अंथवाल, संतोष गुसाईं, मोहन सिंह नेगी, विपिन कुमार, राजू नेगी, विपिन मलासी, सुभाष कोटनाला, नितिन नैथानी, हेमलता, मुकेश धस्माना, अनूप जदली सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।

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