रामनगर-रामनगर में शुक्रवार दोपहर दवाई लेकर घर लौट रहे एक ग्रामीण की निजी स्कूल की बस की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई,घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया, परिजनों ने बस चालक पर तेज और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाने के साथ ही स्कूल प्रबंधन के रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार ग्राम नई बस्ती लालढांग निवासी 41 वर्षीय हरकेश सिंह पुत्र प्रताप सिंह शुक्रवार दोपहर दवाई लेने के लिए हिम्मतपुर ब्लॉक गया था।दवाई लेकर वह अपने घर वापस लौट रहा था।इसी दौरान हिम्मतपुर ब्लॉक स्थित ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल के पास स्कूल बस की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।उन्होंने पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पीरुमदारा पुलिस चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह बिष्ट पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गुस्साए ग्रामीणों को शांत कराया।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी, वहीं दुर्घटना में शामिल स्कूल बस को भी कब्जे में ले लिया गया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मृतक के भाई चंद्र मोहन ने आरोप लगाया कि बस चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। जिसके कारण यह हादसा हुआ,उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद उनके भाई का शव काफी देर तक सड़क पर पड़ा रहा, लेकिन स्कूल प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने न तो घटना की जानकारी लेने की कोशिश की और न ही परिजनों को सांत्वना देने का प्रयास किया, जिससे परिवार में भारी नाराजगी है।परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक दीपक बिष्ट ने पुलिस कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।मामले में तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।मृतक शादीशुदा था और उसके बच्चे हैं।मृतक मजदूरी करता था।
