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देहरादून-बैठक में मुख्य सचिव ने लक्ष्य के सापेक्ष अर्जित राजस्व की जानकारी ली एवं राजस्व वृद्धि के नवीन प्रयास एवं नवाचारों पर अधिकारियों से चर्चा की।

उन्होंने SGST विभाग को टैक्स चोरी को रोकने के लिए AI आधारित जांच बढ़ाए जाने पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले 4-5 महीनों में AI बेस्ड मैकेनिज्म तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कर सम्बन्धी सभी विभागों का डाटा इंटीग्रेशन किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने परिवहन विभाग के ANPR कैमरों के प्रभावी उपयोग के साथ ही सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन और रजिस्ट्रेशन सम्बन्धी रखरखाव कार्यों का डिजिटाइजेशन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि वन या गैर क्षेत्रों में नए खनन लॉट्स चिन्हित किए जाएं तथा इस हेतु जिला प्रशासन का सहयोग भी प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि वन निगम जिन खनन व Timber Lots पर कार्य नहीं कर पा रहा है, उन पर वन विभाग अपने स्तर से कार्यवाही करें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में जड़ी बूटी के क्षेत्र में भी अच्छी संभावना है। उन्होंने जड़ी बूटियों से सम्भावित आय का अध्ययन किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आय के नए स्रोत के रूप में कार्बन क्रेडिट और नये इको टूरिज्म स्थलों के विकास को सम्मिलित किया जाए। उन्होंने जनसामान्य को Timber की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ऑनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया। साथ ही इसके लिए ITDA से तकनीकी सहायता हेतु समन्वय किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री बृजेश कुमार संत, श्री रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना, श्रीमती अनुराधा पाल एवं श्री मनमोहन मैनाली सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।